कानपुर -वित्तीय अपराध रोकने की ट्रेनिंग दे रहा कानपुर का आईआरएस

by | Feb 28, 2022 | अपराध, ई पेपर, जनहित, नेशनल, बड़ी खबर, राजनीती, स्थापना और प्रेरणा | 0 comments

कानपुर। अपनी काबिलियित के दम पर कानपुर का परचम भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) का एक युवा अधिकारी दुनियाभर में फहरा रहा है। कानपुर निवासी संयुक्त आयकर निदेशक राघव गुप्ता दुनिया भर देशों के जांच अधिकारियों को वित्तीय अपराध रोकने की ट्रेनिंग दे रहे हैं। ये उपलब्धि हासिल करने वाले वह देश के एकमात्र अफसर हैं।आजाद नगर से शुरु सफर 56 से ज्यादा देशों तकसंजय और नीता गुप्ता के बेटे राघव गुप्ता का सफर अपने आजाद नगर स्थित आवास से शुरु होकर दुनिया के 56 से ज्यादा देशों तक जा पहुंचा है। वर्ष 2012 बैच के आईआरएस अधिकारी राघव ने कम उम्र में ही उपलब्धियों का कीर्तिमान बनाया है। दुनिया के सबसे बड़े संगठन आर्गनाइजेशन फॉर इकोनामिक कोआपरेशन एंड डेवलेपमेंट (ओईसीडी) ने राघव का चयन इंस्ट्रक्टर के रूप में किया है। ओईसीडी में नियुक्त होने वाले वह देश के इकलौते अफसर हैं।56 से ज्यादा को सिखा रहे टैक्स क्राइम पकड़ने के सूत्रराघव गुप्ता दुनियाभर के जांचकर्ताओं, अभियोजकों और सरकारी अधिकारियों को टैक्स क्राइम के मायने बता रहे हैं। उन्हें सिखा रहे हैं कि टैक्स क्राइम का भंडाफोड़ कैसे करें। पूरे सिंडीकेट और नेटवर्क के ‘मास्टरमाइंड तक कैसे पहुंचा जा सकता है। किस तरह से शुरू में ही वित्तीय अपराधों पर नकेल कसकर उसे बड़े घोटाले के रूप में बदलने से रोका जा सकता है। इसके लिए टैक्स क्राइम एकेडमी में वह दिग्गजों की क्लास लेते हैं।राघव गुप्ता को पहले इस पाठ्यक्रम के उन्नत संस्करण में भारत के एकमात्र सिविल सेवक के रूप में चुना गया था, और उनके उल्लेखनीय प्रदर्शन, प्रस्तुति और भागीदारी के आधार पर, उन्हें ओईसीडी पाठ्यक्रम टीम द्वारा भविष्य के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए एक सूत्रधार के रूप में चुन लिया गया।सिविल सर्विस अफसरों को ट्रेनिंग देने वाले यूपी के इकलौते अफसरइससे ज्यादा गर्व की बात क्या होगी कि आईएएस अफसरों को ट्रेनिंग देने की जिम्मेदारी के लिए भी कानपुर के राघव गुप्ता को चुना गया है। हाल ही में सिविल सर्विसेज अकादमी मसूरी में आईएएस अफसरों को प्रशिक्षित करने करने के लिए गठित पांच अफसरों की टीम में बेहद अहम जिम्मेदारी उन्हें दी गई है। इस टीम में वह यूपी से एकमात्र आईआरएस अफसर हैं। वह 480 ट्रेनी आईएएस अधिकारियों को संवाद यानी कम्युनिकेशन स्किल सिखा रहे हैं। कैसे आम लोगों से मिलना है, कैसे वीआईपी से बात करना है, कैसे सांसद-विधायक से मुलाकात करना है, कैसे मीडिया को ब्रीफ करना है और कैसे शासन संभाला जाता है, इसकी जिम्मेदारी वह उठा रहे हैं। उनके साथ टीम में अन्य राज्यों से आईपीएस हर्ष पोद्दार, आईपीएस रोहित राजबीर सिंह, आईएएस करन सत्यार्थी और देवरंजन मिश्रा हैं