गोमतीनगर पुलिस ने सरकारी वाहनों से तेल चोरी कर आम लोगों को कम दामों पर बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी चोरी का तेल खरीदकर उसे दूसरे वाहनों के ड्राइवरों को बेच देता था। इस आरोपी ने पुलिस के सामने खुलासा किया कि शहर में कई सरकारी विभागों के वाहन चालक इस गिरोह से जुड़े हुये हैं। पुलिस ने इसी आधार पर एक दर्जन से अधिक सरकारी वाहन चालकों का ब्योरा जुटाया है।सरकारी वाहनों से तेल चोरी मामले में नगर निगम के आरआर विभाग के क्लर्क विनीत मिश्र ने गोमतीनगर थाने में 14 फरवरी को एफआईआर दर्ज करायी थी। इसकी जांच के दौरान कई वाहन चालकों व खरीदारों के नाम सामने आये थे। रविवार रात को आरआर विभाग के सामने कम्पोस्ट प्लान्ट एरिया में एक क्वालिस गाड़ी खड़ी होने की सूचना मिली। इस पर पुलिस वहां पहुंच गई तो तलाशी में आठ गैलन मिले। इसमें 480 लीटर डीजल मिला। पुलिस ने गाड़ी नम्बर के आधार पर मालिक बाराबंकी निवासी रामशंकर को मिठाईलाल चौराहा के पास से गिरफ्तार कर लिया। उसने बताया कि बरामद डीजल सरकारी वाहनों से चोरी किया गया है।कई नगर निगम कर्मी और ड्राइवर रडार परगोमतीनगर पुलिस ने बताया कि रामशंकर ने कई ऐसे सरकारी वाहनों के ड्राइवरों के नाम बताये हैं जो गाड़ियों से डीजल चोरी कर उन्हें बेचते हैं। फिर वह दूसरे इलाकों में कम दामों पर इस डीजल को बेचते हैं। ये सभी तेल चोरी करने वाले गिरोह के सम्पर्क में हैं। वहीं इस गिरफ्तारी के बाद नगर निगम में भी हड़कम्प मच गया है। दावा किया जा रहा है कि नगर निगम के कई कर्मचारी रडार पर हैं। इन पर भी जल्द ही कार्रवाई की जा सकती है।तेल चोरी का कई बार हुआ खुलासानगर निगम के सरकारी वाहनों से डीजल चोरी का मामला कई बार पकड़ा जा चुका है। पूर्व अपर नगर आयुक्त अमित कुमार, पूर्व नगर आयुक्त इन्द्रमणि त्रिपाठी और वर्तमान अपर नगर आयुक्त पकंज सिंह ने डीजल चोरी पकड़ी। इस बार एफआईआर तो दर्ज करा दी गई लेकिन बड़ों का नाम फिर सामने नहीं आया। वहीं एफआईआर दर्ज होने के बाद भी कई वाहन आरआर विभाग के सामने आकर खड़े होते हैं, फिर कुछ देर बाद चले जाते हैं। गोमतीनगर इंस्पेक्टर का कहना है कि इस मामले में कई लोग रडार पर हैं। जल्दी ही कुछ और गिरफ्तारियां होंगी।
लखनऊ -इन वाहनों के ड्राइवर तेल चोरी करने वाले गिरोह में शामिल

