लखनऊ -अफसरों की अनदेखी कर सम्पत्ति प्रबंधक ने निपटा दीं फाइलें

by | Mar 1, 2022 | अपराध, ई पेपर, जनहित, नेशनल, बड़ी खबर, राजनीती, स्थापना और प्रेरणा | 0 comments

आवास विकास परिषद के वृन्दावन योजना के एक सम्पत्ति प्रबंधक ने आवास आयुक्त व सचिव को किनारे कर फाइलें निपटा दीं। जिन सम्पत्तियों के निरस्त करने का अधिकार सचिव, अपर आवास आयुक्त व आवास आयुक्त के पास था, उसे उसने खुद ही गुपचुप निटपा दिया। मामले की जानकारी के बाद आवास आयुक्त ने मामले की जांच बैठा दी। मामले में सम्पत्ति प्रबंधक से स्पष्टीकरण मांगा गया है। विभागीय कार्रवाई का निर्देश जारी किया गया है।आवास विकास परिषद के सम्पत्ति प्रबंधक नृपेन्द्र बहादुर सिंह वृन्दावन योजना के सम्पत्ति प्रबंधक का काम देखते हैं। उन्होंने वह काम कर दिया जिसका अधिकार सचिव व आवास आयुक्त के पास है। उन्होंने बिना आवास आयुक्त व सचिव के अनुमोदन के वृन्दावन योजना के तीन भूखण्डों का आवंटन निरस्त कर दिया। इसमें दो भूखण्ड 5सी/कामर्शियल-7 तथा 5सी/कामर्शियल-6 तथा भूखण्ड संख्या 11 ए/174 का खुद ही कर दिया। इन सम्पत्तियों की कीमत कई करोड़ रुपए है, जबकि इन्हें निरस्त करने का अधिकार आवास आयुक्त अजय चौहान के नीचे किसी भी अफसर के पास नहीं था। इसके निरस्तीकरण का प्रस्ताव उप आवास आयुक्त, अपर आवास आयुक्त्, सचिव के अनुमोदन के बाद आवास आयुक्त के पास जाना था लेकिन सम्पत्ति प्रबंधक ने अकेले ही सारी फाइलें गुपचुप निस्तारित कर दी। सभी अधिकारियों को किनारे कर दिया। अधिकारियों इसकी जानकारी हो गयी। मामले में 20 जनवरी 2022 को संयुक्त् आवास आयुक्त उदयभानु त्रिपाठी ने जांच के बाद जो पत्र जारी किया, उसमें सम्पत्ति प्रबंधक को दोषी बताया गया है। उन्होंने अपने पत्र में साफ लिखा है कि सम्पत्ति प्रबंधक नृपेन्द्र बहादुर सिंह ने बिना अधिकार आवंटन पत्र निरस्त किया है। आवास आयुक्त ने नृपेन्द्र बहादुर सिंह के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। कार्रवाई का आदेश पिछले महीने ही हुआ था लेकिन अभी तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गयी है।सम्पत्ति प्रबंधक ने बिना अधिकार के काम किया। आवंटन निरस्त किया था। इस मामले में प्रथम दृष्टया दोषी मिले हैं। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा रही है। जांच चल रही है।नीरज शुक्ला, सचिव, आवास विकास परिषद