यूपी में फिर दागी पुलिस कर्मियों पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने की प्रक्रिया की तैयारी फिर से शुरू कर दी गई है। एडीजी स्थापना ने इसके लिए सभी जिले के एडीजी जोन से दागी पुलिस कर्मियों का ब्यौरा तलब किया। एडीजी स्थापना संजय सिंघल ने ऐसे पुलिस कर्मियों का ब्यौरा मांगा है, जिनकी अनिवार्य सेवानिवृत्त प्रदान किये जाने के लिए स्क्रीनिंग कमेटी की कार्यवाही पूरी कर ली है। सितंबर 2021 में 31 मार्च, 2021 को 50 वर्ष या उससे अधिक आयु पूरी करने वाले समूह ग व घ के पुलिसकर्मियों के सेवा अभिलेखों का परीक्षण कर स्क्रीनिंग की कार्यवाही का निर्देश दिया गया था।50 वर्ष पार पुलिस कर्मियों की होगी स्क्रीनिंग, भ्रष्टाचारी किये जाएंगे जबरन रिटायरडीजीपी मुख्यालय ने 50 साल की उम्र पूरी कर चुके भ्रष्टाचारी, दागदार और अनुशासनहीन पुलिस कर्मियों का ब्यौरा 30 नवंबर, 2021 तक तलब किया गया था। विधान सभा चुनाव के चलते यह प्रक्रिया ठंडे बस्ते में चली गई थी। विधानसभा चुनाव होते ही डीजीपी मुख्यालय ने इस संबंध में की गई कार्यवाही का ब्यौरा फिर तलब किया है। एडीजी स्थापना ने 20 मार्च तक स्क्रीनिंग की कार्यवाही का ब्यौरा उपलब्ध कराने का कड़ा निर्देश दिए हैं। डीजीपी मुकुल गोयल के आदेश के बाद सितंबर 2021 में एडीजी की तरफ से जारी पत्र में 26 अक्टूबर 1985 से 6 जुलाई 2017 तक के शासनादेश का हवाला दिया गया था। जिसमें 50 साल से अधिक उम्र के कर्मचारियों को जबरन रिटायरमेंट देने के लिए स्क्रीनिंग की कार्रवाई का जिक्र था। उसके मुताबिक 30 मार्च 2021 को जिन पुलिसकर्मियों की उम्र 50 साल या इससे अधिक हो गई है, उनकी स्क्रीनिंग कराई जाएगी। सभी जनपद के पुलिस प्रभारियों और पुलिस आयुक्त स्क्रीनिंग कराकर 30 नवंबर 2021 तक एडीजी स्थापना के दफ्तर को सूचित करने के आदेश थे।तीन आईपीएस समेत 400 पुलिसकर्मी किये जा चुके हैं जबरन रिटायरकानून व्यवस्था सुधारने के लिए योगी सरकार बनने के बाद 2017 से अब तक यानि साढ़े चार में 3 आईपीएस अफसरों समेत 400 पुलिसकर्मियों को जबरन सेवानिवृत्ति दी जा चुकी है। इसमें आईपीएस अमिताभ ठाकुर, आईपीएस राकेश शंकर और राजेश कृष्णा का नाम शामिल है।
लखनऊ -ऐसे पुलिस कर्मियों की होगी छंटनी, 30 मार्च तक हो सकती कार्रवाई

