लखनऊ के चार बड़े चेहरे वर्तमान सरकार से बाहर हो गए हैं। इनमें तीन नाम ऐसे हैं, जिनको लेकर पार्टी कार्यकर्ता ही नहीं, वे खुद अचम्भित होंगे। इनमें सबसे बड़ा नाम है उपमुख्यमंत्री रहे डॉ. दिनेश शर्मा और नगर विकासमंत्री रहे आशुतोष टण्डन का। इनके कैबिनेट से बाहर होने पर तमाम चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि कार्यकर्ता इनके संगठन में जाने की अटकलें लगा रहे हैं।उपमुख्य मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा को इस बार योगी की नयी कैबिनेट में मौका नहीं मिला है। दिनेश पिछली सरकार में उप मुख्यमंत्री रहे। माध्यमिक, उच्च शिक्षा विभाग संभाला। उनके काम को देखते हुए लोगों को उम्मीदें थी कि नयी सरकार में उन्हें दोबारा मौका मिल सकता है। उन्हें पूर्व में ब्राह्मण चेहरे के रूप में देखा जा रहा था। पार्टी ने विधान सभा चुनाव प्रचार में उन्हें भरपूर उपयोग किया। ब्राह्मण बाहुल्य सीटों पर उनकी 150 से अधिक जनसभाएं, मीटिंग हुई थीं। इन सबके बावजूद इस बार पार्टी ने कैंट विधायक ब्रजेश पाठक को उपमुख्यमंत्री की कुर्सी सौंपी।पार्टी के पूर्व महानगर उपाध्यक्ष, पार्षद अनुराग मिश्रा अन्नू के मुताबिक डॉ. दिनेश शर्मा को भले ही उपमुख्यमंत्री नहीं बनाया गया, लेकिन केन्द्रीय, राज्य संगठन में उन्हें प्रभावी जिम्मेदारी मिल सकती हैं। लोक सभा चुनाव से पहले उन्हें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की कमान भी दी जा सकती हैं। वहीं दूसरी तरफ आशुतोष टण्डन को मंत्री न बनाना भी चौंकाने वाला रहा है। पार्टी के नेता, कार्यकर्ता उनका मंत्री बनना पक्का मान रहे थे। कार्यकर्ताओं का मानना है कि आशुतोष टण्डन पहले भी संगठन में थे। उन्हें संगठन में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है। पूर्व अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री मोहसिन रजा को लेकर तस्वीर साफ नहीं है। मगर पूर्व जलशक्ति मंत्री महेन्द्र सिंह की जरुर जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। लोकसभा चुनाव के चलते उन्हें केन्द्रीय संगठन में भी जगह मिल सकती हैं।पिछली सरकार में राज्यमंत्री रहीं स्वाति सिंह इस बार चुनाव से पहले ही रेस से बाहर हो गयी। भाजपा ने उनका टिकट काट कर राजेश्वर सिंह को सरोजनीनगर से उतार दिया। उनके अलावा रीता बहुगुणा जोशी 2019 में सांसद होने के बाद मंत्रिमण्डल से बाहर हो गई थी। ऐसे में इन दोनों चेहरों के लिए कोई चर्चा नहीं थी।
लखनऊ – चार बड़े चेहरे वर्तमान सरकार से बाहर ,दिनेश शर्मा-आशुतोष टण्डन के संगठन में जाने की चर्चाएं

