सीतापुर -काल बनकर दौड़ी कार, दो को रौंदा

by | Mar 28, 2022 | अपराध, ई पेपर, जनहित, नेशनल, बड़ी खबर, राजनीती, स्थापना और प्रेरणा | 0 comments

सिधौली (सीतापुर)। कोतवाली इलाके में रविवार को एक कार काल बनकर दौड़ी। महज पांच सौ मीटर की दूरी में कार ने तीन हादसों को अंजाम दिया। बेकाबू कार ने एक के बाद एक तीन लोगों को टक्कर मारी। हादसे में बाइक सवार समेत दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति घायल हो गया। हादसे के दरम्यान बेकाबू कार बाद में खाई में जा गिरी। दुर्घटना में एक मवेशी की भी जान चली गई है।कोतवाली सिधौली इलाके में बिसवां मार्ग पर एक अनियंत्रित कार रविवार की शाम को लहराती हुई बिसवां की ओर जा रही थी। जिसमें तीन लोग बताए जा रहे थे। चौड़ियापुरवा के पास पहुंचने पर कार ने एक अज्ञात बाइक सवार को टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही वह गिरकर बेहोश हो गया। इसके बाद कार ने बाइक सवार कमलापुर के करौंदी निवासी सर्वेश को (26) को रौंद दिया। हादसे में सर्वेश की मौके पर ही मौत हो गई। उसकी बाइक क्षतिग्रस्त हो गई। कार महज 500 मीटर चली थी कि आखिर में सड़क किनारे बैठे चौड़ियापुरवा निवासी छेद्दू (65) को भी रौंद दिया, इससे बुजुर्ग ने भी मौके पर दम तोड़ दिया।हादसे के बाद बेकाबू कार एक खाई में जा गिरी, इससे कार में सवार मानपुर के राजापुर निवासी फिरोज अहमद (40), अजय कुमार (38), मुन्ना लाल (46) भी गंभीर रूप से जख्मी हो गए। हादसे की सूचना पाकर मौके पर पहुुंची पुलिस ने सभी घायलों को सीएचसी सिधौली में भर्ती कराया, जहां अज्ञात बाइक सवार को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहीं छेद्दू, सर्वेश को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। अन्य घायलों का इलाज जारी है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हादसे में दो लोगों की मौत के बाद से परिवारों में कोहराम मचा हुआ है।सीओ सिधौली यादुवेंदु यादव ने बताया कि हादसे में दो लोगों की मौत हुई है। चार लोग घायल हैं। सभी का इलाज जारी है। कार चालक फरार है। उसकी तलाश जारी है। चालक नशे में था, इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। जांचकर कार्रवाई की जाएगी।सेहरा बंधने की जगह लिपट गया कफनहादसे में दम तोड़ने वाले सर्वेश यादव का 6 अप्रैल को तिलक चढ़ने वाला था। वह अपनी रिश्तेदारी में निमंत्रण पत्र बांटने गया। इसी दौरान यह हादसा हो गया। जल्द ही उसके सिर पर सेहरा सजने वाला था। सारी तैयारियां भी पूरी हो चुकी थी, लेकिन किसे पता था कि सर्वेश का शव कफन में लिपट कर घर आएगा। उसकी मौत से शादी की खुशियां मातम में बदल गई हैं। होने वाली ससुराल में भी लोग गमगीन हैं।