लखनऊ -लाखों का घपला – चार संविदाकर्मी बर्खास्त

by | Apr 3, 2022 | अपराध, ई पेपर, जनहित, नेशनल, बड़ी खबर, राजनीती, स्थापना और प्रेरणा | 0 comments

लोहिया संस्थान में लाखों रुपये के गोलमाल के आरोप में चार संविदा कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया है। आरोपी कर्मचारियों और एजेंसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। विस्तृत जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी गठित की गई है।लोहिया संस्थान की ओपीडी में रोजाना दो से तीन हजार मरीज आते हैं। करीब आठ से नौ लाख रुपये संस्थान में विभिन्न मदों में शुल्क के रूप में जमा होते हैं। हॉस्पिटल इनफॉरमेशन सिस्टम (एचआईएस) साफ्टवेयर के माध्यम से मरीज व तीमारदार नगद व ऑनलाइन फीस (कार्ड के माध्यम से) जमा करते हैं। संस्थान के सीएमएस डॉ. राजन भटनागर ने बताया कि मार्च में बैंक स्टेटमेंट व एचआईएस इंट्री से कार्ड स्वाइप मशीन से किए गए लेन-देन के मिलान के दौरान लाखों की रकम का अंतर मिला। शक के आधार पर 16 मार्च को वित्त नियंत्रक की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की गई थी।चार कर्मचारियों ने सबसे ज्यादा ऑनलाइन पैसे जमा किएकमेटी ने जांच में पाया कि चार आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की आईडी से सबसे ज्यादा ऑनलाइन लेन-देन हुआ। गड़बड़ियों के आधार पर चारों की आईडी का ब्यौरा निकाला गया। फिर एचआईएस व बैंक स्टेटमेंट धनराशि का अंतर मिला।कितनी रकम गायब, पता नहींइस गोलमाल में कितना सरकारी धन नहीं मिला रहा है? इसका ब्यौरा अब तक नहीं जुटाया जा सका। जमा रकम कहां गईं? किसने निकाली? इसका भी कोई सुराग लोहिया संस्थान प्रशासन को नहीं मिल पाया है।व्यवस्था पर उठे सवालसरकारी खाते में मरीजों द्वारा जमा किया गया पैसा नहीं पहुंच रहा है। रकम गायब हो रही है। इसके बावजूद अधिकारियों को भनक तक नहीं लगी। सवाल उठ रहा है कि एचआईएस साफ्टवेयर सिस्टम लागू है। वित्त विभाग में पूरी टीम है, जो रोजाना जमा पैसे का लेखा जोखा रखती है। लेकिन पैसों का हेरफेर कैसे हो गया,यह पता किसी को क्यों नहीं लगा