संवाददाताअमेठी : विकाशखण्ड शुकुलबाज़ार के अंतर्गत इनौना शुकुलबाज़ार मार्ग पर ग्राम सभा ऊँचगांव में विश्व स्वालीनता दिवस के अवसर पर संतप्रसाद सूरजन दीन महाविद्यालय मे ओंकार सेवा संस्थान द्वारा जागरुकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसके अंतर्गत सभा को संबोधित करते हुऐ विद्यालय के प्रबंधक सन्तोष तिवारी ने कहा कि स्वालीन लोग विशेष क्षमता वाले होते हमे उनके साथ सौतेला व्यवहार नही करना चाहिए उसके उपरांत,कार्यक्रम समन्वयक सूर्य कुमार त्रिपाठी ने कहा कि स्वालीनता मस्तिष्क के विकास के दौरान होने वाला विकार है जो व्यक्ति के सामाजिक व्यवहार और सम्पर्क को प्रभावित करता है हिन्दी मे इसे आत्म विमोह भी कहते है ,यह एक प्रकार की मानसिक अक्षमता होती है जिससे बालको की चिंतन शक्ती ,भाषा,सामाजिक व्यवहार सहित सभी क्रियाएँ प्रभावित होती है,स्वालीन व्यक्ति किसी वस्तु के प्रति ध्यान केन्द्रित नही करता है ,निर्देशों का पालन नही करता है ,सामाजिक अलगाव,किसी बात पर प्रतिक्रिया न देना जैसे लक्षण होते है संयुक्त रास्ट्र संघ ने नवंबर 2007 मे विश्व स्वालीन दिवस का प्रस्ताव पारित किया और सर्वप्रथम 2 अप्रैल 2008 मे विश्व स्वालीन दिवस मनाया गया । विशेष शिक्षक चंद्र प्रकाश ने प्रशिक्षण मे भारत सरकार और प्रदेश सरकार द्वारा दिव्यांग जनो के लिए संचालित पेंशन योजना, निरामय बीमा योजना,यूनिक आई डी योजना सहित विभिन्न योनओं पर प्रकाश डाला,कार्यक्रम को संजय तिवारी,सुरेन्द्र पाल चौहान राम राज ,शिखा तिवारी,रेनू तिवारी शत्रुघ्न यादव सहित कई लोगों ने सम्बोधित किया ,कार्यक्रम मे महाविद्यालय की पूजा मौर्या,शहर बानो,प्रियंका विश्वकर्मा,शीला कुमारी,आरती मौर्या स्वाती शिवम तिवारी,अवनीश मिश्रा सहित सैकड़ो छात्र और छात्राएं उपस्थित रही प्रतिभागी छात्रो को संस्था की ओर से पुरस्कार भी प्रदान किया गया।
अमेठी -दिव्य क्षमता वाले होते है स्वालीन-सन्तोष तिवारी

