वाराणसी -ज्ञानवापी मस्जिद सर्वे से सुरक्षा भंग होने की जिला प्रशासन को आशंका, सर्वेक्षण स्थगित

by | Apr 18, 2022 | अपराध, ई पेपर, जनहित, नेशनल, बड़ी खबर, राजनीती, स्थापना और प्रेरणा | 0 comments

काशी विश्वनाथ मंदिर व ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का 19 अप्रैल को कोर्ट कमिश्नर की अगुवाई में होने वाला सर्वे स्थगित हो गया है। सोमवार को जिला प्रशासन की ओर से कोर्ट में सर्वे के खिलाफ अर्जी दाखिल की गई है। इसमें बताया गया कि सर्वे से ज्ञानवापी परिसर की सुरक्षा व्यवस्था भंग हो सकती है। मामले में अगली सुनवाई 20 अप्रैल को होगी। इसमें सर्वे पर निर्णय लिया जाएगा। सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि कुमार दिवाकर की अदालत में शृंगार गौरी को नियमित दर्शन के लिए सौंपने और 1991 के पूर्व की स्थिति की तरह बिना रोक-टोक के पूजा अर्चना के साथ आदि विश्वेश्वर परिवार के सभी विग्रहों की यथास्थिति में रखने की याचिका पर सुनवाई चल रही है।राखी सिंह व अन्य की तरफ से दाखिल अर्जी पर आठ अप्रैल को अदालत ने परिसर का सर्वेक्षण करने के लिए अजय कुमार मिश्र को अधिवक्ता कमिश्नर (कोर्ट कमिश्नर) नियुक्त किया था। अदालत ने कमिश्नर को वस्तुस्थिति का सर्वेक्षण कर 20 अप्रैल की सुनवाई में रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। कोर्ट कमिश्नर ने 19 अप्रैल की दोपहर एक बजे सर्वे का समय नियत करते हुए वादी व प्रतिवादी दोनों को अवगत कराया था। उससे पूर्व सोमवार को जिला प्रशासन ने शासकीय अधिवक्ता के जरिए सिविल जज सीनियर डिवीजन अदालत में अर्जी दाखिल कर सर्वे रोकने की मांग की। कहा गया कि सर्वेक्षण पर रोक लगायी जाए। इससे ज्ञानवापी की सुरक्षा व्यवस्था भंग हो सकती है। आपत्ति दाखिल होने के बाद कोर्ट कमिश्नर ने बताया कि 19 अप्रैल को होने वाला सर्वे स्थगित कर दिया गया है। प्रशासन की आपत्ति -रेड जोन में वीडियोग्राफी परिसर की सुरक्षा के लिए खतरा हो सकता है -शृंगार गौरी व मस्जिद परिसर का भ्रमण करना कोई औचित्य नहीं है -मस्जिद बैरिकेडिंग के अंदर केवल मुसलमान व सुरक्षाकर्मी प्रवेश कर सकते हैं कोर्ट से दरख्वास्त आपत्ति दाखिल करते हुए दरख्वास्त की गयी है कि कोर्ट अधिवक्ता की ओर से होने वाली कार्यवाही के दौरान कितने व्यक्तियों को प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। कौन-कौन व्यक्ति होंगे। कोर्ट अधिवक्ता किस-किस स्थल और किस चिह्नित स्थान तक अपनी कार्रवाई करेंगे।