लखनऊ -हर जिले में चलेगी अभ्युदय योजना, डीएम की अध्यक्षता में कमेटी होगी गठित

by | Apr 27, 2022 | अपराध, ई पेपर, जनहित, नेशनल, बड़ी खबर, राजनीती, स्थापना और प्रेरणा | 0 comments

प्रदेश सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए संचालित मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना को अब हर जिले में चलाने का निर्णय किया है। इसके लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति, टास्क फोर्स गठित की जाएगी। यह समिति राज्य सरकार के अफसरों और अखिल भारतीय सेवाओं तथा एक पूर्णकालिक शिक्षक व समन्वयक की मदद से कक्षाओं का रोस्टर तैयार करेगी।मंगलवार को इस बारे में समाज कल्याण विभाग की ओर से शासनादेश जारी किया गया है। विभाग के विशेष सचिव रजनीश चन्द्र ने बताया कि मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना को जिला स्तर पर संचालित किए जाने के लिए विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के छात्रों की मदद को जिला स्तर पर वर्चुअल एवं साक्षात कक्षाओं का आयोजन किया जाएगा।शासनादेश में मेधावी छात्रों के चयन की प्रक्रिया को स्पष्ट करते हुए कहा गया है कि प्रवेश परीक्षा में सम्मिलित होने वाले वही छात्र-छात्राएं पात्र होंगे जो जेईई/नीट के लिए कक्षा 11 एवं 12 में अध्ययनरत अथवा उत्तीर्ण विज्ञान वर्ग के छात्र हो। सिविल सेवा, पीसीएस परीक्षा के प्रशिक्षण के लिए स्नातक अंतिम वर्ष के छात्र अथवा स्नातक उत्तीर्ण छात्र पात्र होगे। एनडीए, सीडीएस, क्लैट, बैंकिंग, उ.प्र. अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, टीजीटी, पीजीटी आदि परीक्षाओं की शैक्षिक योग्यताएं भी संबंधित प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुरूप होंगी।साल में एक बार उ.प्र. प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (उपाम) द्वारा निर्धारित तिथि के अनुसार संबंधित कोर्स के लिए अभ्यर्थियों की आवश्यकतानुसार एक पात्रता परीक्षा, चयन प्रक्रिया तय की जाएगी। ‘उपाम’ द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा में संबंधित पाठ्यक्रम में छात्र उपलब्ध न होने या फिर जिन पाठयक्रमों की प्रवेश परीक्षा राज्य स्तर से आयोजित नहीं की गई है, उन पाठ्यक्रमों की जरुरत के अनुसार संबंधित जिलाधिकारी अपने स्तर से समिति गठित कर छात्रों का चयन कर सकेंगे।प्रत्येक सत्र में जिला स्तरीय समिति की कम से कम पॉच बैठकें आयोजित की जाएगी तथा प्रशिक्षण कार्यक्रम की समय-समय पर मानीटरिंग की जाएगी। प्रशिक्षण केन्द्रों में अध्यापन के लिए योग्य, अनुभवी एवं प्रोफेशनल व्याख्याताओं की सेवाएं अतिथि व्याख्याताओं के रूप में ली जाएंगी। व्याख्यान के लिए आमंत्रित किए जाने वाले विषय विशेषज्ञों, वार्ताकारों, व्याख्याताओं को प्रति व्याख्यान 2000 रुपये की दर से मानदेय का भुगतान किया जागा। एक व्याख्यान की अवधि 90 मिनट होगी। एक अतिथि प्रवक्ता को हर महीने अधिकतम 30 व्याख्यान अनुमन्य होंगे।