हरदोई, कार्यालय संवाददाता। प्रचण्ड गर्मी ने जन जीवन को बेहाल करने के साथ ही गांवों में पानी के लिए हाहाकार मचा दिया है। जिला पंचायत राज विभाग की लापरवाही के कारण खराब पडे़ हैडपंपों ने ग्रामीणों को घनचक्कर बना दिया है। उन्हें पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। मरम्मत में देरी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ ग्रामीणों ने कार्रवाई की मांग की है।सरकारी आंकड़ों की मानें तो जिले भर की 1306 ग्राम पंचायतों में 71269 हैंडपंप हैं। मरम्मत के लिए 8700 हैंडपंपों को चिह्नित किया गया है। इनमें से अब तक 1426 हैंडपंपों की ही मरम्मत कराई गई है। अभी भी 7274 हैंडपंप खराब पड़े हैं। ग्राम पंचायतों के खातों में भरपूर बजट होने के बावजूद ये हैंडपंप मरम्मत कराने की बाट जोह रहे हैं। इससे ग्रामीण बस्तियों में पानी के लिए संकट पैदा हो गया है। लोगों को दूसरे मोहल्लों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकांश प्रधान, सचिव व ब्लाकों के अधिकारी जानबूझकर हैंडपंपों की मरम्मत में लापरवाही बरत रहे हैं। वे कागजों पर ही मरम्मत दर्शाकर सरकारी धन हड़पना चाहते हैं।जनप्रतिनिधियों का रवैया भी उदासीनहैंडपंपों की मरम्मत समय से कराने के लिए जनप्रतिनिधि भी आवाज नहीं उठा रहे हंै। चुनाव के दौरान गांवों में जाकर पीने के लिए शुद्ध पानी मुहैया कराने का दावा हवाई साबित हो रहा है। अब न तो नेताजी नजर आ रहे हैं न ही उनके समर्थक। ग्रामीण कभी ब्लाक तो कभी विकास भवन के चक्कर लगा रहे हैं। उन्हें आश्वासन की घुट्टी पिलाकर लौटा दिया जाता है।
हरदोई -विभाग की लापरवाही के कारण खराब पडे़ हैडपंपों ने ग्रामीणों को घनचक्कर बना दिया

