लखीमपुर के सिख किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को ग्राम प्रधान सुखदेव सिंह के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश राज्य अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य सरदार परविंदर सिंह से भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने शिकायत की है कि जिलाधिकारी लखीमपुर द्वारा उनकी कृषि योग्य भूमि को जबरिया अधिग्रहित कर वन विभाग को सौंपा जा रहा है, जबकि वह वर्ष 1947 से आकर बस गए थे और उन्हें उपरोक्त भूमि कृषि कार्य के लिए आवंटित की गई थी। वह लगभग 75 वर्षों से खेती कर रहे हैं। इसके बावजूद भूमि को वन भूमि बताकर अधिकृत किया जा रहा है, जिससे हजारों किसानों के मध्य आजीविका का संकट बन गया है।प्रतिनिधिमंडल का कहना था लखीमपुर के अधिकतर किसान सिख परिवारों से हैं, इसलिए जिला प्रशासन भेदभाव पूर्ण कार्रवाई करते हुए जमीनों को अधिकृत कर रहा है, जिस पर तत्काल रोक लगाए जाने की जरूरत है। श्री सिंह ने किसानों की समस्याओं को सुना और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। श्री सिंह ने यह भी कहा कि वह किसानों की समस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे एवं शीघ्र निदान कराएंगे। 30 अप्रैल को लखीमपुर का दौरा भी किया था और आयोग ने जिलाधिकारी व एसपी लखीमपुर को कोई भी उत्पीड़न की कार्रवाई न करने के निर्देश दिए थे।
लखीमपुर -डीएम जबरन कर रहे सिख किसानों की जमीनों का अधिग्रहण

