शहर के दस रूटों पर नो ई-रिक्शा जोन घोषित कर दिया गया है। इन रूटों पर ई-रिक्शा का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके लिए पुलिस, ट्रैफिक और परिवहन विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई है। बावजूद ई-रिक्शा प्रतिबंधित मार्ग पर चलते मिले तो उन्हें जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी।आरटीओ प्रवर्तन संदीप कुमार पंकज ने बताया कि चारबाग में एक जमीन चिह्नित की गई है। इस जमीन पर एक यार्ड बनाया जाएगा। इसी यार्ड में ई-रिक्शा पकड़कर बंद किया जाएगा। इसके लिए ट्रैफिक विभाग ने परिवहन विभाग को चारबाग, हजरतगंज और महानगर में जमीन देने का आश्वासन दिया है। इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा कराकर प्रतिबंधित रूट पर चलने वाले ई रिक्शा को बंद करने के आदेश दिए जाएंगे।पहले दिन प्रतिबंधित रूट दिखा ई-रिक्शा असरपहले दिन शहर के प्रतिबंधित रूट पर ई-रिक्शा का असर दिखा। मुख्य मार्गों पर ई-रिक्शा का संचालन तकरीबन 50 फीसदी कम रहा। जोकि शहर के मुख्य मार्गो पर ट्रैफिक जाम जैसी समस्या नहीं दिखी।फिटनेस में फेल ई-रिक्शा अब बिना नंबर दौड़ रहेफिटनेस में फेल हो चुके ई-रिक्शा अब बिना नंबर दौड़ रहे हैं। दरअसल, फिटनेस में फेल होने के बाद ई-रिक्शा को कबाड़ घोषित करते हुए रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जाता है। बावजूद शहर के कई इलाकों में ऐसे ई-रिक्शा बिना नंबर के दौड़ रहे है। आरटीओ सबसे पहले इन्हीं रिक्शों को पकड़कर बंद करने की तैयारी में है।जानिए ये भी- 31 मार्च 2022 तक शहर में 31357 ई-रिक्शा पंजीकृत।- लखनऊ में सितंबर 2013 से शुरू हुआ ई-रिक्शा रजिस्ट्रेशन- राजधानी में ई-रिक्शा बेचने वाले 112 शोरूम पंजीकृत हैं।- ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन 15 साल के लिए होता है।- हर दो साल पर ई-रिक्शा का फिटनेस कराना होता है।- फिटनेस में फेल ई-रिक्शा का संचालन प्रतिबंधित है।ई-रिक्शा की औसतन उम्र पांच से छह साल होता है
लखनऊ -इन रूटों पर दौड़ने वाले ई-रिक्शा जब्त होंगे

