लखनऊ -बंदियों के उत्पादों की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान होगी

by | May 14, 2022 | अपराध, ई पेपर, जनहित, नेशनल, बड़ी खबर, राजनीती, स्थापना और प्रेरणा | 0 comments

केंद्र सरकार का उपक्रम कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (निसबड) प्रदेश की जेलों के बंदियों को स्वावलंबी बनाने के लिए व्यवसायिक प्रशिक्षण देगा। निसबड के विशेषज्ञ जेलों में बन रहे उत्पादों की गुणवत्ता और बेहतर करेंगे। सारे उत्पादों को बाजार से लिंक किया जाएगा, ताकि बन्दियों के उत्पाद को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिले। उत्पाद बिकने से बन्दियों की आमदनी भी बढ़ेगी। यह बातें शुक्रवार को आदर्श कारागार में भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम में डीजी जेल आनन्द कुमार ने कही। कारागार विभाग और निसबड के बीच एक अनुबंध हुआ है। इससे जेलों के उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार होगा और बन्दियों की आमदनी बढ़ेगी। जेल से रिहा होने के बाद भी बन्दी बेरोजगार नहीं रहेंगे।निसबड की डायरेक्टर जनरल व संयुक्त सचिव अनुराधा वेमुरी ने कहा कि यह संस्था देश भर में उद्यमिता एवं कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए परामर्श, शोध एवं विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करती है। निसबड की निदेशक डॉ. पूनम सिन्हा ने कहा जेलों में बनने वाले उत्पादों को और बेहतर कर बाजारों में पेश किया जाएगा। ताकि लोगों को पसंद आये। आदर्श कारागार में इसके सफल होने पर दूसरी जेलों में यह योजना लागू होगी। इस मौके पर निसबड की चीफ कंसलटेंट प्रभाकर बहुगुणा, डीआईजी शैलेंद्र मैत्रेय व रविशंकर छवि और प्रभारी अधीक्षक सीपी त्रिपाठी और डीजी पीआरओ संतोष वर्मा आदि मौजूद रहे।