योगी सरकार में कैसे हो रहा गरीब महिला के प्रधानमंत्री आवास पर प्रमोद का कब्जा संवाददाता बहराइच -पूरा मामला एक पीड़ित गरीब महिला के परिवार का है महिला का नाम शांति देवी बेवा पत्नी जगतपाल वर्मा निवासी -ग्राम व पोस्ट गजाधरपुर थाना फखरपुर कैसरगंज जनपद बहराइच के प्रधानमंत्री आवास घर को जबरजस्ती प्रमोद शुक्ला अजीजपुर 08/04/2022 दिन शुक्रवार से कब्जा कर रखा है महिला द्वारा शिकायत करने पर इस महिला की कही सुनी ही नही जाती ना ही कोई इनका आवास प्रमोद से खाली करवाता है प्रमोद जोकि जगतपाल वर्मा के छोटे भाई कृष्ण कुमार वर्मा से 2005 में बैनामा लिया था ,इस मामले को लेकर 2018 में थाना फखरपुर में प्रमोद कुमार शुक्ला ने नब्बे हजार रुपया ( 90000 ) रुपया लेकर थानाप्रभारी और गवाही के सामने सुलहसमझौता किया था जिसमे साफ शब्दों में लिखा हैकि मैं प्रमोद कुमार शुक्ला पुत्र रामप्रसाद शुक्ला नब्बे हजार रुपया जगतपाल वर्मा से प्राप्त करने के बाद कृष्ण कुमार वर्मा के द्वारा किये हुये बैनामे भूमि पर अब मेरा कोई अधिकार नही होगा और नाही इस भूमि से मेरा कोई भविष्य में वास्ता होगा और ना ही कोई विवाद होगा सुलह समझौता के बाद भी और एक दस्तावेज के अनुसार 2003 में कृष्ण कुमार वर्मा के द्वारा अपनी पत्नी राजवंता को वरासतनामा करने के बाद कृष्ण कुमार वर्मा किसी को भी अपने नाम से बैनामा नही लिख सकते कृष्ण कुमार वर्मा का लिखा हुआ बैनामा भी गलत ही होगा और एक बड़ी बात ये भी हैकि कृष्ण कुमार वर्मा का हिस्सा रोड के उसपार उत्तर की तरफ है प्रमोद को बैनामा कृष्ण कुमार वर्मा ने किया था इस आधार पर प्रमोद का हक कृष्ण कुमार वर्मा की भूमि और घर मे है नाकि शांति देवी पत्नी जगतपाल वर्मा के घर पर और इस सभी दस्तावेज के आधार पर सही से जांच होने पर प्रमोद कुमार शुक्ला का कोई भी हक़ नही बनता की शांति देवी पत्नी जगतपाल वर्मा के घर को कब्जा करें ,या रहे जो बिल्कुल गलत है शांतिदेवी पत्नी जगतपाल वर्मा के प्रधानमंत्री आवास संख्या UP5623582 जगतपाल वर्मा 27-03-2019 को मिले आवास में शांतिदेवी का परिवार रह रहा था शांतिदेवी का परिवार कर्ज से डूबा हुआ था इसलिए आगे प्रधानमंत्री आवास को छोड़कर पीछे शेष आराजी भूमि घर बैनामा करने के बाद कैसरगंज से जब घर पहुँची तो देखा कि प्रमोद के साथ आदि लोग घर मे कब्जा जमाने का प्रयास किये है जिसकी शिकायत थाने पर बेटी बहु के द्वारा तुरंत 08/04/2022 को लिखित रूप में दी गयी और प्रमोद से घर खाली कराने के लिये प्रशासन से अनुरोध किया गया प्रशासन ने राजस्व विभाग का हवाला देकर प्रमोद से कब्जा हटवाने का आश्वासन दिया फिर उसदिन के बाद से आजतक प्रशासन ने ना तो प्रमोद से घर खाली करवाया और ना ही राजस्व विभाग की टीम ने ही कुछ किया आखिरकार अब शांतिदेवी का दुखी परिवार कह रहा है कि इस तरह से समाज मे हो रहे भृष्टाचार अन्नाय से मजबूर होकर गजाधरपुर बहराइच उत्तर प्रदेश छोड़कर किसी अन्य प्रदेश में जाने के लिये मजबूर है रिपोर्ट- कपिल शुक्ल लोकसचेतक न्यूज़ प्रबंध संपादक बहराइच
बहराइच -उत्तर प्रदेश से एक हिन्दू परिवार पलायन करने पर मजबूर

