उन्नाव जिले का मंत्रियों से लेकर राजनेताओं के दरबारों में हाजिरी देकर डटे हैं कई सालों से राजस्व विभाग के चंद अधिकारीयो की जिले में सिर्फ रहती है तैनाती उन्नाव तहसील सदर या फिर उन्नाव डीएम कलेक्टर उसके बाद फिर मिल जाती है। कुछ दिन इंतजार करने के बाद उन्ही उप जिलाधिकारियों को मनचाही तहसीलें आखिर ऐसा क्यों***अभीतक आपने पुलिस प्रशासनिक अधिकािरयों को सिफारिश करके पोस्टिंग कराने की बात सुनी है और आम बात है। लेकिन यह पर चंद उपजिलाधिकारी अपने आगे किसी और उप जिलाधिकारियों को नहीं चाहते हैं चाह कर भी उनकी जिले में पोस्टिंग**अब चुनाव की तैयारी से पहले ही अपनी अपनी पोस्ट को लेकर नेताओं की वंदना कुछ अधिकारियों ने कर दी है शुरू बने रहने के लिए इन दिनों अपने-अपने आकाओं के सहारे मंत्रियों सांसदों से तैनाती के लिए सिफारिश कराने में लगे हैं। तेजी से बढ़ रहे इस प्रचलन को रोकने के लिए आखिरकार कीव**अलग अलग पोस्टों पर तैनात हैं। एक पोस्ट पर तैनाती की समय सीमा खत्म होने के पहले ही नए पोस्ट के लिए सिफारिश शुरू हो जाती है।**नही चाहते है यहाँ से बाहर जाना उन्नाव जिले की बस इन तहसीलों तक उन्नाव सदर,सफीपुर, बंगरमऊ, हसनगंज,और उन्नाव डीएम कलेक्ट्रेट। खुद है वह दूसरी जगह नहीं। यही कारण है कि कर्मी मंत्री से लेकर सांसद तक से सिफारिश कराने से नहीं चूकते। इस बारे में के उच्चाधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन कोई बोलने को तैयार नहीं है।*
कानपुर -उन्नाव जिले के चंद उप अधिकारी मलाईदार पोस्टाें पर तैनाती के लिए मंत्रियों से करा रहे सिफारिश

