मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि सभी जिलों में 48 घंटे के भीतर अवैध स्टैंड को खत्म कर दिया जाए। इसमें अगर लापरवाही की गई तो स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। हाईवे पर वाहनों को रुकने नहीं दिया जाएगा। जान बचाने के लिए एंबुलेंस का रिस्पांस टाइम घटेगा। ऊंचे स्पीड ब्रेकर खत्म करने सभी जगह टेबल टॉप स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं।ओवरस्पीडिंग पर करें सख्त कार्रवाईमुख्यमंत्री बुधवार की शाम सभी जिलों के पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सड़क दुर्घटना पर अंकुश के लिए वीडियो कांफ्रेंसिंग कर रहे थे। उन्होंने निर्देश दिए कि ओवरस्पीडिंग, ओवरलोडिंग के विरुद्ध कठोरता से कार्रवाई की जाए। नियमों के उल्लंघन पर वाहन का चालान जरूर किया जाए। जगह तय कर पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पुलिस प्रशासन माफिया, अराजक, दलाल प्रकृति के लोगों को दूर रखें। अवैध अथवा डग्गामार बसें किसी भी कीमत पर न चलने दी जाएं। हेल्मेट व सीट बेल्ट लगाने के नियम पर सख्ती से अमल कराया जाए। सड़क सुरक्षा के लिए प्रदेश भर में अभियान चलाया जाए।सीएम ने निर्देश दिए कि प्रत्येक दशा में यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी क्षेत्र में अनफिट, बिना परमिट के स्कूली बसों का संचालन नहीं होगा। अनेक अवैध, डग्गामार बसें उत्तर प्रदेश की सीमा से होकर विभिन्न राज्यों की ओर जा रही हैं। यह बसें ओवरलोड होती हैं। इनकी स्थिति भी जर्जर होती हैं। परिवहन विभाग द्वारा विशेष सतर्कता बरतते हुए ऐसे बसों के संचालन को रोका जाए। इनके परमिट सहित अन्य दस्तावेजों की जांच हो।पटरी दुकानदारों का स्थान तय करेंमुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कों पर अतिक्रमण की समस्या को समाप्त करना होगा। पटरी व्यवसायियों के स्थान का चिन्हांकन करते हुए यह तय करें कि कोई तय स्थान के बाहर दुकान न लगाएं। व्यापारियों से संवाद बनाकर यह सुनिश्चित कराएं की हर दुकान अपनी सीमा के भीतर ही हो। नगरों में पार्किंग की व्यवस्था को और सुदृढ़ करना होगा। स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी है कि अवैध टैक्सी स्टैंड की समस्या का स्थाई समाधान करें। लाउडस्पीकर फिर लगे तो अधिकारियों पर कार्रवाईमुख्यमंत्री ने सख्त हिदायत देते हुए कहा कि यदि फिर कहीं अनावश्यक लाउडस्पीकर लगाए जाने / तेज आवाज में बजने की शिकायत प्राप्त हुई तो संबंधित सर्किल के पुलिस अधिकारी, डिप्टी कलेक्टर व अन्य अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। संवाद के माध्यम से विभिन्न जनपदों में जो लाउडस्पीकर लोगों ने हटाएं हैं, उन्हें आवश्यकतानुसार निकटस्थ स्कूलों को उपलब्ध कराने में सहयोग करें।सड़क नहीं है स्टंट की जगहमुख्यमंत्री ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि सड़क या ओवरब्रिज स्टंट करने की जगह नहीं है। ऐसी अराजकता पर सख्ती से लगाम लगाई जाए। हेलमेट-सीटबेल्ट के प्रयोग को अनिवार्य रूप से कड़ाई के साथ लागू किया जाए। सड़क सुरक्षा के लिए चलेगा अभियानसड़क सुरक्षा केवल एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। यह सामूहिक प्रयासों से ही संभव हो सकेगा। अतः सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विभागीय समन्वय के साथ बड़ा अभियान चलाया जाए। प्रथम चरण में कल से अगले 5 दिवस जागरूकता पर जोर रहेगा। इस दौरान सड़क सुरक्षा के संबंध में व्यापक जन-जागरूकता के कार्यक्रम संचालित किए जाएं। सड़क सुरक्षा अभियान के दूसरे चरण में इंफोर्समेंट की कार्रवाई हो। राजमार्गों पर ब्लैक स्पाट सुधारेंगेराजमार्गों और एक्सप्रेस-वे पर ओवरस्पीड के कारण आए दिन दुर्घटनाओं की सूचना मिलती है। ऐसे में ब्लैक स्पॉट के सुधारीकरण, स्पीड मापन, त्वरित चिकित्सा सुविधा, सीसीटीवी आदि व्यवस्था को और बेहतर किया जाए। राजमार्गों पर ट्रकों की कतारें न लगें। स्पीड ब्रेकर निर्माण करते समय लोगों की सुविधा का ध्यान भी रखें। स्पीड ब्रेकर टेबल टॉप हों। बुजुर्गों, बच्चों, महिलाओं, मरीजों को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े। खराब डिजाइनिंग की वजह से अक्सर लोग स्पीड ब्रेकर के किनारे से वाहन निकालने का प्रयास करते हैं, जिससे दुर्घटना भी होती है।
उत्तर प्रदेश – सभी जिलों में 48 घंटे में हटाएं अवैध स्टैंड, डग्गामार बसों पर करें कार्रवाई, अतिक्रमण को लेकर भी सख्त दिखे सीएम योगी

