उत्तर प्रदेश – सीएम योगी ने दिए निर्देश विकास खंडों के आंकलन के लिए आईआईटी के छात्रों की मदद लें

by | May 19, 2022 | अपराध, ई पेपर, जनहित, नेशनल, बड़ी खबर, राजनीती, स्थापना और प्रेरणा | 0 comments

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि राज्य में आकांक्षात्मक जिलों की तर्ज पर विकसित किए जा रहे सौ विकास खंडों की मानीटरिंग और आंकलन के लिए आईआईटी कानपुर और आईआईएम लखनऊ के छात्रों की मदद ली जाए। उन्होंने इसमें राज्य के प्राविधिक एवं तकनीकी विश्वविद्यालयों, संस्थानों के छात्रों को भी जोड़ने के निर्देश दिए।बीडीओ को न दें कोई और चार्ज मुख्यमंत्री बुधवार को प्रदेश के सौ आकांक्षात्मक विकास खंडों को विकसित किए जाने की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने निर्देश दिए कि आकांक्षात्मक विकास खंडों में तैनात होने वाले ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (बीडीओ) को अन्यत्र किसी और ब्लॉक का अतिरिक्त प्रभार न दिया जाए। इन क्षेत्रों में अपेक्षाकृत युवा, ऊर्जावान और विजनरी अधिकारियों की तैनाती की जानी चाहिए।एसडीएम को बनाएं विकास खंड का नोडल अधिकारीमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि संबंधित एसडीएम को इस विकास खंड का नोडल अधिकारी नामित किया जाए। यह नोडल अधिकारी विकास खंड में होने वाले विकास कार्यों, उपलब्ध कराए जा रहे डाटा की शुचिता और वास्तविकता के प्रति जवाबदेह होगा।आकांक्षात्मक जिलों में बलरामपुर प्रथममुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग द्वारा चिन्हित प्रदेश के आठ आकांक्षात्मक जिलों बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, सोनभद्र, चंदौली, फतेहपुर, चित्रकूट, बहराइच और श्रावस्ती में विकास के सभी मानकों पर सराहनीय कार्य किया जा रहा है। नीति आयोग द्वारा सतत रियल टाइम मॉनीटरिंग डैशबोर्ड (चैंपियन ऑफ चेंज) के अनुसार जारी रैंकिंग में इन जिलों ने अच्छा स्थान प्राप्त किया है। देश के कुल 112 आकांक्षात्मक जिलों में सर्वश्रेष्ठ प्रयास करने वाले जिलों की ताजा सूची में यूपी के पांच जिले शीर्ष 10 में शामिल हैं। बलरामपुर प्रथम स्थान पर है। यह स्थिति संतोषजनक है।सही डाटा जुटाएंउन्होंने निर्देश दिए कि आकांक्षात्मक जिलों के तय विकास मानकों के संबंध में अद्यतन स्थिति का सतत आकलन किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि डाटा सटीक हो, त्रुटिरहित हो और सही स्थिति को परिलक्षित करता हो। डाटा की जांच के लिए स्वतंत्र एजेंसी, संस्थाओं का सहयोग लेने पर भी विचार किया जाए।सीएम ने कहा कि आकांक्षात्मक जिलों की तर्ज पर ही 100 आकांक्षात्मक विकासखंडों का चयन कर इनके सामाजिक आर्थिक सुधार के लिए विशिष्ट प्रयास किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य और पोषण,शिक्षा, कृषि और जल संसाधन, वित्तीय समावेशन, कौशल विकास और आधारभूत संरचना के विविध मानकों पर इन आकांक्षात्मक विकासखंडों के समग्र विकास के प्रयास किए जाएं। विकास इंडिकेटर में बीसी सखी, ग्राम सचिवालय, अमृत सरोवर जैसे दूरगामी प्रयासों को भी शामिल किया जाए। उन्होंने मार्च 2022 को बेसलाइन मानते हुए चयनित इंडिकेटर पर ब्लॉकवार अद्यतन सूचना वर्तमान माह के अंत तक एकत्रित करने के निर्देश दिए। इसके बाद हर माह की 15 तारीख तक संबंधित जिलों द्वारा अद्यतन प्रगति विवरण फीड किया जाए। इसकी पुष्टि संबंधित विभागों द्वारा भी कराई जाए।