जमीनों की हेराफेरी और अनियमितताओं के आरोपी राजस्व परिषद के पूर्व निजी सचिव विवेकानंद डोबरियाल पुलिस के हाथ नहीं लगा रहा है। पर, शिकंजा लगातार उस पर कसता जा रहा है। अब पुलिस ने उसकी सम्पत्ति कुर्क करने की कवायद शुरू कर दी है। वहीं उसकी दो और नयी सम्पत्तियों के बारे में पता चला है। जिसका ब्योरा जुटाया जा रहा है। अब तक मिली अन्य सम्पत्तियों का ब्योरा तैयार हो चुका है। कानूनी औपचारिकतायें पूरी होते ही कोर्ट में कुर्की के लिये अर्जी दी जायेगी। उधर एसटीएफ की एक टीम बुधवार को डोबरियाल के करीबियों की तलाश में कानपुर पहुंची।चार मई को कैसरबाग में राजस्व परिषद के अनुसचिव घनश्याम चतुर्वेदी ने विवेकानंद डोबरियाल के खिलाफ एफआईआर करायी थी। इसके बाद शुरू हुई जांच में रोजाना नये खुलासे होते जा रहे हैं। डोबरियाल को बचाने के लिये तहसील के लोग जिस तरह से लगे, उसे देखते हुये डीएम ने सरोजनीनगर तहसील के आठ अफसर व कर्मचारी मंगलवार को हटा दिये थे। इसकी जांच कर रहे डीसीपी सोमेन वर्मा ने बताया कि उसकी करोड़ों रुपये की सम्पत्ति मिल चुकी है। अब पुलिस सारे अभिलेखों को जुटा रही है। यह पता कर रही है कि जिन बेहद करीबियों के नाम सम्पत्तियां पाई गई, उनकी क्या भूमिका रही। क्या उन्हें पता था कि डोबरियाल ने किस तरह से ये सम्पत्ति कमायी। उन लोगों ने डोबरियाल के कहने पर अपने नाम उनकी सम्पत्ति क्यों ली।एसटीएफ पहुंची कानपुरडोबरियाल के गिरफ्तार न होने पर शासन ने अफसरों से नाराजगी जतायी थी। इसके बाद ही एसटीएफ की दो टीम लगा दी गई थी। इस टीम ने पुलिस से अब तक की प्रगति की जानकारी ली। फिर एक टीम बुधवार को कानपुर पहुंची। कानपुर में ही डोबरियाल की लोकेशन मिल चुकी है। साथ ही उनके उन दो करीबियों से भी सम्पर्क किया जा चुका है जो फरार होने के बाद भी डोबरियाल के सम्पर्क में तीन दिन तक रहे थे। डोबरियाल पर इस समय 50 हजार रुपये इनाम है। उसका इनाम बढ़ाने की संस्तुति भी की जा चुकी है।.............................................अहिमामऊ में जमीनों की पैमाइश करायी अफसरों नेइस जमीन को लेकर हुआ है फर्जीवाड़ाअहमामऊ में हुए जमीन घोटाले मामले में बुधवार को जांच अधिकारी अहिमामऊ पहुंचे। यहां उन्होंने जमीनों की पैमाइश करवाई। साथ ही मौके पर ही रिपोर्ट तैयार की।इस मामले में डीएम के निर्देश पर सीडीओ अश्विनी कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में जांच समिति बनाई गई है। दोपहर में सीडीओ समेत कई अधिकारी अचानक अहिमामऊ पहुंचे। इसके अलावा सदर तहसील और कलेक्ट्रेट के अभिलेखागार से पुराने दस्तावेज निकाले गए हैं जिन पर सीडीओ अश्विनी पाण्डेय, एडीएम प्रशासन अमरपाल सिंह और एसडीएम सरोजनीनगर ने मंथन किया। पट्टे से संबंधित सभी दस्तावेजों का परीक्षण किया जा रहा है। कुछ हाथ से लिखी गई खतौनी भी मिली हैं।जुलाई में छुट्टी से लौटेंगे एसडीएमसरोजनीनगर के एसडीएम आनन्द सिंह इसी माह अर्जित अवकाश पर हैं। वह जुलाई में लौटेंगे। उनके स्थान पर डिप्टी कलेक्टर सिद्धार्थ को जिम्मेदारी दी गई है। जिस समय का प्रकरण है उस समय शंभुशरण एसडीएम के पद पर तैनात थए
लखनऊ – पूर्व निजी सचिव की सम्पत्ति कुर्क करने की तैयारी, एसटीएफ भी पहुंची कानपुर

