उत्तर प्रदेश श्रम कल्याण परिषद के अध्यक्ष सुनील भराला एवं बोर्ड के सदस्य अजीत कुमार जैन ने बुधवार को मुख्यमंत्री से भेंट कर श्रमिकों की विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया। इसमें प्रमुख रूप से 1952 के दशक से प्रदेश के 12 क्षेत्रीय कार्यालयों के तहत 15 जनपदों में स्थित श्रमिक बस्तियों में बाहरी लोगों के निवास का मुद्दा उठाया।प्रदेश में कानपुर, लखनऊ, रायबरेली प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी, चन्दौली, गोरखपुर, आगरा, हाथरस, फिरोजाबाद, बरेली, रामपुर, गाजियाबाद, सहारनपुर में स्थापित श्रमिक बस्तियां, जिनमें एक या दो कमरे के कुल 29,587 गृह स्थापित हैं। इन श्रमिक बस्तियों के अध्यासियों की समस्याओं का निराकरण उड़ीसा और दिल्ली जैसे राज्यों की भांति किए जाने का अनुरोध किया गया। साथ ही इन श्रमिक बस्तियों में अवैध रूप से रहने वालों को वहां से अलग किये जाने का भी अनुरोध किया गया। बकौल भराला मुख्यमंत्री ने श्रमिकों की बस्तियों से संबंधित समस्याओं पर आवश्यक कार्यवाही किये जाने के लिए आश्वस्त किया।
लखनऊ -मुलाकात में उठाया श्रमिक बस्तियों में बाहरियों के निवास का मुद्दा

