मारपीट के मामले में अपनी फरियाद लेकर गए 55 वर्षीय व्यक्ति की थाने में पूछताछ के दौरान दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने थाना घेर लिया। भारी पुलिस ने लोगों की भीड़ हटाई। परिजनों ने थानाध्यक्ष कमलापुर और हल्का दरोगा पर दबाव बनाने और एससी एसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज करने की धमकी देने का आरोप लगाया है। उधर पुलिस ने मौत को प्राकृतिक बताया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसी पुष्टि भी होने की बात कही हैघटना बुधवार की रात 10 बजे के आसपास की है। ग्राम जैतनपुर के अनूप कुमार का आरोप है कि 24 मई को गांव में एक पक्ष से मारपीट के बाद वह अपने पिता रमेश कुमार के साथ थाने गए थे लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। 25 मई को दोबारा प्रार्थना पत्र दिया गया, मगर थानाध्यक्ष ने टाल दिया। पिता रमेश कुमार और चचेरे भाई संदीप यादव पैरवी के लिए थाने गए। आारोप है कि थानाध्यक्ष रात 10 बजे तक पूछताछ करते रहे और एससी-एसटी एक्ट लगाने की धमकी देते रहे। अचानक पिता को थाने में ही अटैक पड़ गया। उन्हें सीएचसी कसमंडा ले जाया गया है, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उधर घटना की खबर गांव में फैली तो भीड़ जमा होने लगी। लोग शव लेकर गांव चले आए थे लेकिन फिर शव लेकर थाने पहुंच गए। काफी देर तक घेराव किया। सूचना पर पुलिस अफसरों के होश उड़ गए।अपर पुलिस अधीक्षक एनपी सिंह मौके पर पहुंचे उन्होंने शव पोस्टमार्टम को भिजवाया है और मारपीट के आरोपियों पर गम्भीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। अपर पुलिस अधीक्षक एनपी सिंह का कहना है कि पुलिस पर लगे आरोपों की जांच सीओ सिधौली को सौंपी गई है। साथ ही मारपीट करने वालों के खिलाफ गम्भीर धाराओं में मुकदमा लिखा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हार्ट अटैक से मौत होने की बात सामने आई है। उधर मृतक के बेटे ने पुलिस अधीक्षक दी अपनी तहरीर में हल्का नम्बर तीन के दरोगा पर भी उत्पीड़न का आरोप लगाया है।यह था मामला:थाना कमलापुर क्षेत्रान्तर्गत दिनांक 24 मई को पुनीत पुत्र राजेन्द्र निवासी ग्राम जैतनपुर के साथ गांव के ही अशोक व पिन्टू पुत्रगण मोहनलाल द्वारा आपसी विवाद को लेकर मारपीट हो गई थी। इस सम्बंध में पुनीत की मां रजनी ने 25 मई को तहरीर दी थी जिस पर अभियोग पंजीकृत किया गया था। पुनीत के परिजन रमेश एक अन्य व्यक्ति के साथ थाना कमलापुर पर गये थे जिनकी अचानक तबियत खराब हो गयीमामले का मुख्य अभियुक्त अशोक को गिरफ्तार कर लिया गया है। शेष अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु पुलिस उप महानिरीक्षक /पुलिस अधीक्षक ने तीन टीमें लगायी हैं। शीघ्र ही गिरफ्तारी सुनिश्चित कर ली जायेगी।पुलिस उप महानिरीक्षक/ पुलिस उपाधीक्षक सीतापुर आरपी सिंह ने बताया, मृतक के परिजनों ने एक प्रार्थना पत्र देकर पुलिसकर्मियों के द्वारा समय से मुकदमे में कार्यवाही न किये जाने के सम्बन्ध में आरोप लगाया है जिसकी जांच की जा रही है। जांचोपरान्त प्रकरण में अग्रिम कार्यवाही की जाएगी। वैसे पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के शरीर पर कोई चोट नही है तथा मृत्यु का कारण स्पष्ट न होने की दशा में विसरा सुरक्षित किया गया है। मृतक को पूर्व में भी हार्ट अटैक होने की जानकारी उनके साथ आए व्यक्ति ने दी है। अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी एनपी सिंह का कहना है कि यह इत्तेफाक है कि रमेश को थाने में एंजाइना दर्द उठा। उस समय कोई पूछताछ नहीं हो रही थी। वह सीएचसी में काफी देर भर्ती रहा है। उनके साथ जो लोग थाने आए थे वही बता रहे थे कि हार्ट के पुराने मरीज थे। पीड़ित पक्ष ने धाराओं को तरमीम करने की मांग की जिसे कर दिया गया। पीड़ित पर पुलिस ने किसी तरह दबाव नहीं बनाया है। वैसे पुलिस की भूमिका की जांच सीओ सिधौली से कराई जा रही है। घटना गम्भीर, न्यायिक जांच हो: रालोदनेता रालोद आरपी सिंह चौहान का कहना है कि पीड़ित पक्ष को पुलिस ने धमकाया कि सुलह नहीं करोगे तो एससी / एसटी में जेल भेज देंगे। शायद इसी खौफ में हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई । इस मामले में शुरू से ही यदि पुलिस निष्पक्ष और त्वरित कार्यवाही करती तो इस तरह से आरोप न लगते। इस मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए। जो दोषी हो उसके विरुद्ध कड़ी कार्यवाही हो। कड़ी सुरक्षा में हुआ अंतिम संस्कारगुरुवार को देर शाम सीओ सिधौली की देखरेख में पुलिस के सुरक्षा घेरे में रमेश का दाह संस्कार हुआ। वहीं एहतियातन गांव के चप्पे-चप्पे पर पुलिस एवं पीएसी की तैनाती की गई है। सीओ सिधौली का कहना है गांव में शांतिपूर्ण माहौल को कायम रखने के लिए सर्किल के तीन थानों की फोर्स और पीएसी तैनात की गई है ।
सीतापुर – पूछताछ के दौरान हार्ट अटैक से मौत,नाराज ग्रामीणों ने थाने का किया घेराव

