अब जेल में आजीवन कारावास की सजा पाए कैदियों की रिहाई की शर्तों में सरकार ने ढील दे दी है। अब आजीवन कारावास की सजा पाए हुए कैदियों को 60 वर्ष से पहले भी छोड़ा जा सकेगा। बशर्तें उसने छुट्टी के बिना 16 या फिर छुट्टियों के साथ 20 वर्ष की सजा पूरी कर ली हो। इस संबंध में गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने आदेश जारी कर दिया है।आजीवन कारावास से दण्डित सिद्धदोष बंदियों की समयपूर्व रिहाई के लिए जारी स्थायी नीति में संशोधन कर दिया गया है। अभी तक 60 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद ही कैदियों को छोड़ा जाता था। यह नियम उन कैदियों पर लागू होगा जिनका अपराध धारा 3 में वर्णित प्रतिबंधित श्रेणी के किसी भी उपनियम में नहीं आता है। इसके अलावा धारा तीन में वर्णित प्रतिबंधित श्रेणी के उपनियम 6, 8, 9 और 13 की धाराओं के किसी भी उपनियम में सजा नहीं पाए कैदियों की रिहाई के लिए भी 60 वर्ष की आयुसीमा से छूट दे दी गई है।इसके अलावा स्थायी नीति के तहत आजीवन कारावास की सजा से दण्डित ऐसे बंदी जिनकी समय पूर्व रिहाई से लोक व्यवस्था या फिर जनहित प्रभावित हो सकता तो ऐसे बंदिरयों का रिहाई प्रस्ताव समिति निरस्त कर सकती है।अब इन दिनों पर रिहा होंगे कैदीअभी तक गणतंत्र दिवस ( 26 जनवरी), महिला दिवस( 8 मार्च), विश्व स्वास्थ्य दिवस ( 7 अप्रैल), मजदूर दिवस (एक मई), विश्व योग दिवस (21 जून), स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त)शिक्षक दिवस (पांच सितंबर), गांधी जयंती( दो अक्तूबर), अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस (10 दिसम्बर), और अंतरराष्ट्रीय सहिष्णुता दिवस (16 नवम्बर) के मौके पर भी कैदी रिहा हो सकेंगे।
लखनऊ -अब जेल में आजीवन कारावास के कैदियों को 60 वर्ष से पहले मिल सकेगी रिहाई

