झोलाछाप के गलत इंजेक्शन लगाने के बाद युवक की मौत के मामले की जांच होगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमेटी गठित कर दी थी। एक सप्ताह के भीतर कमेटी को जांच रिपोर्ट देनी है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने झोलाछाप की धरपकड़ के लिए टीम गठित की है।माल स्थित सुक्खाखेड़ा निवासी राजाबक्स के भाई अवधेश के पैर की उंगली में मोच आ गई थी। थावर गांव में झोलाछाप अमरपाल को घर बुलाकर दिखाया। आरोप है कि अमरपाल ने अपने सहायक जितेंद्र को इलाज के लिये भेज दिया। जितेंद्र ने इंजेक्शन लगाया, जिसके बाद अवधेश का शरीर अकड़ने लगा था। कुछ ही देर में उसकी सांसें थम गई थी। परिवारीजनों ने पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया था। डिप्टी सीएमओ डॉ. एपी सिंह ने बताया कि मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। उन्होंने बताया कि इलाके में झोलाछाप के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। माल, मलिहाबाद, बीकेटी, इंटौंजा, चिनहट, सरोजनीनगर समेत दूसरे ब्लॉक में झोलाछाप क्लीनिक व अस्पताल का संचालन कर रहे हैं। मरीजों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर अफसर शिकंजा कसने में नाकाम है।