दहेज को लेकर लड़के पक्ष ने ऐन शादी के दिन मंगलवार को बारात लाने से इनकार कर दिया। फोन पर वर पक्ष ने बुलेट मोटरसाइकिल, एलसीडी टीवी समेत कई महंगे सामान की मांग कर दी। वधु पक्ष ने असमर्थता जताई तो लड़के और उसके भाईयों ने बारात लाने से मना कर दिया। बारात के स्वागत की तैयारी कर रहे परिवार के होश उड़ गए। गांव के कई लोग पुलिस चौकी रामगढ़ पहुंचे और वर पक्ष के खिलाफ दहेज मांगने की तहरीर दी है। पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है।मामला संदना थाना क्षेत्र के गांव सरोसा से जुड़ा है। सरोसा निवासी फूलचंद्र की बेटी प्रियंका की शादी लखनऊ जनपद के थाना काकोरी अंतर्गत गांव सैथा पोस्ट बरावन कलां निवासी दीपक पुत्र छंगा के साथ तय हुई थी। मंगलवार को बारात आनी थी। आरोप है कि वर पक्ष की ओर से अचानक फोन करके दहेज में बुलेट मोटरसाइकिल, सोने की चेन, एलसीडी व कई अन्य महंगे सामान मांगे। कहा कि अगर इसे नहीं दोगो तो बारात नहीं आएगी। इसके बाद कन्या पक्ष में हड़कम्प मच गया। गांव में बात फैल गई। बारात की सारी तैयारियों पर ब्रेक लग गया। कन्या पक्ष के लोगों का कहना है कि बारात के स्वागत के लिए मिष्ठान, खाना-पीना, टेंट हाउस से लेकर सभी तैयारियां पूरी थी, अचानक वर पक्ष ने बारात लाने से इनकार कर दिया। इसको लेकर कन्या पक्ष से दो दर्जन के करीब लोग रामगढ़ चौकी पहुंचे और तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। मामले में थाना प्रभारी फतेह सिंह का कहना है कि तहरीर मिली है। मामले की जांच की जा रही है। लड़के पक्ष से संपर्क करने की कोशिश हो रही है, इसके लिए लखनऊ पुलिस से संपर्क साधा गया है।लड़की का रो-रो कर बुरा हाल, बोली- मेरा क्या कसूर:दुल्हन बनने की तैयारी कर रही प्रियंका के हाथों में मेहंदी लग चुकी थी। वर पक्ष के फोन कॉल ने उसके अरमानों पर पानी फेर दिया। जैसे ही बारात न आने की सूचना मिली, वैसे ही सदमे चली गई। घर वालों को देखकर वह फूट-फूट कर रोने लगी। प्रियंका के मां बाप की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है जिससे वह भारी भरकम दहेज के साथ विदा कर सके। पूरे गांव के लोग इस मामले को लेकर स्तब्ध थे और कार्रवाई की मांग कर रहे थे।जमीन गिरवी रखकर की थीं गोदभराई व अन्य रस्में:प्रियंका की गोदभराई की रस्म 24 अप्रैल को हुई थी। इसके लिए प्रियंका के पिता फूलचन्द्र ने अपनी जमीन गिरवी रखी थी। मां का कहना है कि उसके पास अब कुछ नहीं बचा है। वह गांव में कर्जदार हो गई है तब जाकर बारात के स्वागत की तैयारी कर पाई थी। वर पक्ष ने बड़ा धोखा किया है। गोदभराई के बाद दीपक गौतम पुत्र छंगा गौतम घर आता था और वह बेटी से मिला है।
सीतापुर -बुलेट नहीं मिली तो बारात लाने से इनकार

