सीतापुर -पूछताछ के लिए लाये गए व्यक्ति को करीब 48 घंटे हवालात में रक्खा बंदआखिर में 20 हजार रुपये लेकर छोड़ा

by | Aug 27, 2022 | अपराध, ई पेपर, जनहित, नेशनल, बड़ी खबर, राजनीती, स्थापना और प्रेरणा | 0 comments

संवाददाता बिसवां : पूछताछ के लिए लाये गए व्यक्ति को करीब 48 घंटे हवालात में रक्खा बंदआखिर में 20 हजार रुपये लेकर छोड़ा।पीड़ित ने मुख्यमंत्री से की शिकायतपूरे मामले की जांच की जाए तो जद में आएंगे तथाकथित सफेद पोश भी।बिसवां सीतापुर ग्राम रव्वापुर थाना मानपुर क्षेत्र से रमजान अली नाम के व्यक्ति को बिसवां कोतवाली में तैनात सिपाही अरविंद चन्डेल और उसके कुछ सहयोगी रात्रि में करीब दो बजे फिल्मी इश्टाइल से उस के घर पर दबिश देकर आबिद नाम के व्यक्ति को पूछते है कि उसका घर बता दो।रमजान अली अपने गांव रव्वापुर का क्षेत्र पंचायत सदस्य है।उसने पुलिस की मदद के लिए आबिद अली का घर बताने के लिए चल दिया बिसवां कोतवाली पुलिस के सिपाही उससे ही कुछ पूछताछ के लिए बिसवां कोतवाली ले आते है।और उसको हवालात में बंद कर देते है।करीब 48 घण्टे हवालात में रखकर प्रताड़ित भी करते है। फर्जी मुकदमे में जेल भेजने की धमकी देकर 50 हजार की डिमांड करते है।जैसे तैसे पीड़ित की पत्नी ने अपने जेवर तक गिरवीं रख कर 20 हजार का इंतजाम करती है।तब जाकर उसके पति को छोड़ा जाता है।इस कृत्य में एक सफेद पोस तथाकथित नेता भी सम्मिलित थे। जिन्होंने पुलिस का डर दिखा कर डील करवायी।पीड़ित छूटने के बाद जिले के मुखिया पुलिस अधीक्षक से व मुख्यमंत्री से पूरे मामले की शिकायत करता है। शिकायत के बाद से पीड़ित की मुश्किलें और भी बढ़ जाती है। बराबर उसपर दबाव बनाया जाने लगता है। कि मामले में सुलह करलो।तुम्हारे पैसे वापस कर दिए जाएंगे। साथ ही यह भी कहा जाता है कि मीडिया के चक्कर मे मत पड़ो।लगातार सुलह करने का दबाव बाद में देख लेने की धमकी से परेशान होकर पीड़ित व्यक्ति जिलाधिकारी सीतापुर पुलिस अधीक्षक सीतापुर के समक्ष प्रस्तुत होकर अपनी जान माल की सुरक्षा की मांग करता है।घटना 17 18 तारीख की रात की है तब से लेकर अब तक पीड़ित लगातर प्रताड़ना झेल रहा है।करीब एक सप्ताह का समय हो रहा है।अब ऐसे में पीड़ित व्यक्ति कैसे सुरक्षित रह सकेगा। आखिर वो न्याय पाने के लिए जाए तो जाए कहाँ जब लोकल पुलिस ही उसकी दुश्मन बन बैठी हो।फिर इलाके के दबंगो की प्रताड़ना झेलना बड़ी हिम्मत की बात है।खेर पूरे मामले के हर बिंदुओं पर जांच पुलिस क्षेत्राधिकारी बिसवां अविषेक प्रताप अजेय के कर रहे है। देखना दिलचस्प होगा कि पीड़ित को न्याय और ऐसे कृत्य करने वाले पुलिस कर्मियों पर क्या कार्यवाही होती है।