बलरामपुर -भगवान बुद्ध के उपदेशों को जन-जन तक पहुंचाना

by | Aug 2, 2021 | ई पेपर, जनहित, नेशनल, बड़ी खबर, राजनीती, स्थापना और प्रेरणा | 0 comments

बलरामपुर -मॉडर्न बालिका इंटर कॉलेज सभागार में भगवान बुद्ध के उपदेशों के सार्थकता पर संगोष्ठी आयोजित संगोष्ठी में चौथे स्तंभ के वरिष्ठ पत्रकारों ने रखे विचारबलरामपुर ध्यान का अर्थ भीतर से मुस्कुराना और सेवा का अर्थ है ,इस मुस्कुराहट को औरों तक पहुंचाना, इस संसार में अनेक कलाए हैं ,लेकिन इन कलाओं में सबसे अच्छी कला है ,दूसरों को हृदय को छू लेना है,,, जीवन में ऐसी सोच रखी है जो खोया उसका गम नहीं ,पर जो पाया वह किसी से कम नहीं,,,,,, कुछ ऐसी ही सोच को लेकर चलने वाली भगवान बुद्ध की अनुवाई सामाजिक संस्था अंबिका फाउंडेशन की फाउंडर एवं अध्यक्ष सुधा बौद्ध का है जो समाज में भगवान बुद्ध के उपदेशों को जन जन तक पहुंचा कर समाज उत्थान में निरंतर अपना योगदान दे रही है इसी के तहत रविवार को बलरामपुर मॉडर्न बालिका इंटर कॉलेज सभागार में भगवान बुद्ध के उपदेशों की सार्थकता विषय पर पत्रकार संगोष्ठी आयोजित की इस संगोष्ठी में विभिन्न विचारधाराओं के विचार सामने आए कार्यक्रम का शुभारंभ फाउंडेशन की अध्यक्ष सुधा बौद्ध ने भगवान की बुध की प्रतिमा एवं मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर के कार्यक्रम का शुभारंभ किया है संगोष्ठी को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आज समाज के चौथे स्तंभ कहे जाने वाले पत्रकारों के बीच में भगवान बुद्ध के उपदेशों की सार्थकता पर विचार रखने का अवसर मिला है जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध किसी जाति धर्म के नहीं बल्कि सर्वधर्म समभाव के प्रतीक हैं समाज के उत्थान के लिए सदैव उन्होंने लोगों को प्रेरित किया आज भी उनके उपदेश समाज का मार्गदर्शन कर रहे हैं कार्यक्रम संयोजक वरिष्ठ पत्रकार हिंदुस्तान अविनाश पांडे ने कहां की अंबिका फाउंडेशन ने समाज हित में जो पहल शुरू की है वह निश्चय ही श्रावस्ती हुआ बलरामपुर जिले के लिए दूरगामी परिणाम साबित होगा प्रदेश के सबसे पिछड़े जिले होने के कारण इन 2 जिले में शिक्षा स्वास्थ्य सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है जो अंबिका फाउंडेशन ने शुरुआत कर दी है उन्होंने कहा कि एक छोटी सी संस्था ने बड़ा कार्य करने का बीड़ा उठाया तो फिल्म जगत की बड़ी हस्ती एवं ज़ी टीवी पर प्रसारित होने वाले रामायण एवं संकट मोचन हनुमान में भगवान श्री रामचंद्र की भूमिका अदा करने वाले सिने अभिनेता गगन मलिक ने फाउंडेशन का ब्रांड एंबेसडर बनने का निर्णय लिया यह अंबिका फाउंडेशन के लिए ही नहीं बल्कि प्रदेश के साथ साथ सबसे पिछड़े जिले श्रावस्ती एवं बलरामपुर के लिए बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है उनका सहयोग और मार्गदर्शन मिला तो जरूर ली जिले की शिक्षा स्वास्थ्य सुरक्षा की तस्वीर बदलेगी एवं जिले का पिछड़ेपन का अभिशाप दूर होगा कार्यक्रम को शिक्षक प्रशांत तिवारी ने विशेष सहयोग देकर अपनी महती भूमिका अदा की है संगोष्ठी कार्यक्रम संबोधित करते हुए शिक्षिका पल्लवी पांडे ने कहा कि अंबिका फाउंडेशन का जितनी बार आभार किया जाए कम होगा क्योंकि उन्होंने चौथे स्तंभ के साथ संगोष्ठी में अपने विचार रखने का अवसर दिया है यह मेरे जीवन की बड़ी उपलब्धि होगी उन्होंने कहा कि शिक्षा स्वास्थ्य सुरक्षा से पिछड़े होने के कारण हम आज भी मानसिक रूप से एवं वैचारिक रूप से काफी पिछड़े हैं यही कारण है कि हमारे जिले का विकास नहीं हो रहा है लेकिन अब अंबिका फाउंडेशन ने जो अलख जगाई है वह निश्चय ही जिले के लिए कारगर कदम होगा अध्यापिका रजनी मिश्रा ने कहा कि कार्यक्रम तो बहुत होते रहे हैं लेकिन जिले की मूलभूत समस्याओं को कभी किसी ने नहीं उठाया है अंबिका फाउंडेशन ने महिला उत्पीड़न हो या घरेलू हिंसा बुजुर्गों की निष्काम सेवा हो या उन्हें पारिवारिक प्रताड़ना जरूरतमंदों की मदद करना हो या कोविड-19 में प्रवासी मजदूरों की सेवा फाउंडेशन सदैव ऐसे लोगों के लिए तत्पर रहा है और महामारी के दौरान अपनी सेवा को दिखाया भी है संगोष्ठी कार्यक्रम मैं बलरामपुर मॉडर्न बालिका इंटर कॉलेज की प्रिंसिपल प्रीति श्रीवास्तव ने कहा कि ऐसे आयोजन से ना केवल जिले के प्रतिभाओं को हौसला मिलता है बल्कि सामाजिक जागरूकता बढ़ती है उन्होंने कार्यक्रम आयोजन के लिए विद्यालय के बोर्ड आफ ट्रस्टीस अविनाश पांडे एवं अंबिका फाउंडेशन की फाउंडर अध्यक्ष सुधा बौद्ध को धन्यवाद देते हुए सदैव ऐसे आयोजन के लिए उनके सहयोग लेते रहने की अपेक्षा की है उन्होंने कहा कि आज जिले को महिला उत्पीड़न बेटी शिक्षा स्वास्थ्य सुरक्षा पर विशेष कार्य करना है और इसके लिए फाउंडेशन ने जो प्रयास किया है वह निश्चय ही जिले महिलाओं एवं बेटियों के लिए बड़ी उपलब्धि से कम नहीं होगा कार्यक्रम में विभिन्न विचारधाराओं के विचारक ने भगवान बुद्ध के उपदेशों के सार्थकता पर अपने विचार रखते हुए संगोष्ठी को सफल बनाया कार्यक्रम के समापन शिक्षक प्रशांत तिवारी ने सभी का आभार जताते हुए सदैव अपेक्षित सहयोग देते रहने की अपेक्षा जताई है