बिसवां नगर सीतापुर: सपा के राष्ट्रिय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर गुरुवार को सपा नेताओं व कार्यकर्ताओं के द्वारा अपनी विभिन्न मानगो को लेकर राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी बिसवां को सौंपा गया | पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सपा कार्यकर्ताओं को तहसील मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपना था लेकिन कोविड का हवाला देकर पुलिस प्रशासन ने सपा नेता व कार्यकर्त्ता को तहसील मुख्यालय नहीं जाने दिया | गुरुवार सुबह से ही तहसील क्षेत्र में काफी गहमागहमी रही, पुलिस की गाड़ियाँ कसबे की सड़कों पर दौड़ती रहीं| उधर अपने घर से तहसील मुख्यालय पहुँचने की तयारी कर रहे पूर्व जिलाध्यक्ष शमीम कौसर सिद्दीकी को प्रशासन द्वारा उनके घर पर ही रोककर ज्ञापन ले लिया गया | उसके बाद प्रशासन की गाड़ियाँ पुरैनी स्थित पूर्व विधायक निर्मल वर्मा के कार्यालय पर पहुंची जहाँ पर करीब घंटा भर इन्तेजार करने के बाद निर्मल वर्मा, महेंद्र सिंह झीन बाबू,मौलाना अनवार हुसैन कादरी,पूर्व चैरमैन अब्दुल अतीक, रिजवान अहमद आदि के द्वारा उपजिलाधिकारी बिसवां को ज्ञापन सौंपा गया| उधर बड़ा चौराहा स्थित पूर्व सपा प्रत्याशी अफजाल कौसर के कार्यालय पर सपा कार्यकर्ताओं ने जैसे ही तहसील की तरफ निकलने की तयारी की, पुलिस ने पहुँच कर सभी को रोक लिया| वहीँ मौके पर उपजिलाधिकारी ने ज्ञापन लेकर राज्यपाल तक भेजने का आश्वाशन दिया| दूसरी तरफ सिधौली क्रोसिंग के निकट सपा नेता व पूर्व मंत्री कमलेश यादव के समर्थक रोड पर आकर सरकार विरोधी नारेबाजी कर रहे थे इसी बीच पुलिस ने जाकर सपा कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया और उपजिलाधिकारी ने मौके पर ज्ञापन लेकर राज्यपाल तक भेजने का आश्वाशन दिया |सपा नेताओं के द्वारा दिए गये ज्ञापन में कहा गया है कि जिला पंचायत अध्यक्षों एवं ब्लाक प्रमुख के चुनाव में जो गुंडागर्दी और लोकतंत्र की हत्या भाजपा राज म हुयी है उसकी कोई कल्पना नहीं थी| ब्लाक प्रमुख के चुनाव के दौरान पुलिस प्रशासन सत्ता पक्ष का कार्यकर्त्ता बन कर काम करने लगा और सपा के प्रत्याशियों व समर्थकों पर हमलों के साथ नामांकन पर्चे भी फाड़े गए|ज्ञापन में कहा गया है कि भाजपा सरकार ने हिटलर व मुसोलिनी की तानाशाही से ज्यादा तानाशाही की है | ज्ञापन में किसानो की समस्या,गन्ने का बकाया भुगतान करने,कृषि कानून वापस लेने, बढती महंगाई पर रोक लगाने,बेरोजगारी दूर करने,महिला अपराधों पर लगाम लगाने,सपा कार्यकर्ताओं पर लगे फर्जी मुक़दमे वापस लेने, पत्रकारों पर हो रहे हमलों पर रोक लगाने, दलित व अल्पसंख्यक पर अत्याचार बंद करने समेत विभिन्न मांगे की गयी हैं |
सीतापुर -राष्ट्रिय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर गुरुवार को सपा नेताओं व कार्यकर्ताओं के द्वारा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन

